मोदी सरकार व्यवसाय के लिए बिना गारंटी के दे रही है 50,000 रुपये तक का ऋण, ब्याज में 2 प्रतिशत की सब्सिडी

बिज़नेस के लिए मोदी सरकार बिना गारंटी दे रही है 50000 का ऋण 

मोदी सरकार व्यवसाय के लिए बिना गारंटी के दे रही है 50,000 रुपये तक का ऋण, ब्याज में 2 प्रतिशत की सब्सिडी
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

व्यवसाय के लिए मोदी सरकार बिना गारंटी के दे रही है 50,000 रुपये तक का ऋण, साथ में मिल रही है 2 फीसद की ब्याज सहायता

PMMY की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु ऋण श्रेणी में उधारकर्ताओं के लिए 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान को मंजूरी दी।

बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत शिशु ऋण लेने वाले लाभार्थियों को 2 प्रतिशत ब्याज दर देने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शिशु श्रेणी में 50,000 रुपये तक के ऋण बिना किसी गारंटी के लाभार्थियों को दिए जाते हैं।

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सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु ऋण श्रेणी में उधारकर्ताओं को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने को मंजूरी दी । उन्होंने बताया कि योग्य लाभार्थियों को 31 मार्च 2020 तक के बकाया ऋण पर यह ब्याज सहायता 12 महीने के लिये मिलेगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का शुभारंभ 8 अप्रैल, 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। इस योजना के तहत छोटी और सूक्ष्म कंपनियों को 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते हैं। सरकार की यह योजना मुद्रा लोन के नाम से प्रसिद्ध है। यह लोन वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु-ऋण संस्थाओं (MFI) और गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

इसके अलावा बुधवार को कैबिनेट ने कई फैसले लिए। इनमें सहकारी बैंकों को आरबीआई की निगरानी में देना भी शामिल है। कैबिनेट ने सहकारी बैंकों और बहु-राज्य सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक की निगरानी में रखने का निर्णय लिया है। जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "इस कदम से जमाकर्ताओं को उनके रुपये की सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। सरकार इस बारे में जल्द ही अध्यादेश लेकर आएगी। देश में कुल मिलाकर 1,482 शहरी सहकारी बैंक और 58 के करीब बहु- राज्यीय सहकारी बैंक है जिनसे 8.6 करोड़ ग्राहक जुड़े हुये हैं"।

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